वार्ताएँ चाँद से भयभीत रहती हैं

 चाँद में दाग नहीं था 

चाँद लगातार चलते जा रहा था 

रोकने की कोशिशों से लड़ता हुआ 


चाँद पर वार्ता आयोजित होने लगी 
निकम्मे जब वार्ता करते हैं
तो दुनिया कहने लगती है 
चाँद में दाग है | 

अक्सर ख़ूबसूरती 

वार्ताओं से दागदार होती है | 

दाग से मुक्त होने के लिए 

चाँद को अकेले चलना होता है | | 

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